बस थाने में खड़ी, रोजी-रोटी पर संकट! संचालक ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, DGP से लगाई न्याय की गुहार
बीकानेर। श्रीगंगानगर जिले के घड़साना निवासी बस संचालक ने बीकानेर सदर थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता शंकर लाल पुत्र हरिराम जाट का आरोप है कि सड़क हादसे के बाद उसकी बस को बिना वैधानिक प्रक्रिया के कई दिनों से थाने परिसर में खड़ा रखा गया है, जिससे उसे आर्थिक नुकसान हो रहा है और परिवार की आजीविका प्रभावित हो रही है।
दीनदयाल सर्किल के पास हुआ था हादसा
शिकायत के अनुसार 11 जून की सुबह करीब 9 बजे शंकर लाल की बस अनूपगढ़ से यात्रियों को लेकर बीकानेर पहुंची थी। दीनदयाल सर्किल के पास एक कार चालक ने कथित रूप से गलत दिशा और लापरवाही से वाहन चलाते हुए बस को टक्कर मार दी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि बस अपनी सही दिशा में चल रही थी और हादसे की पूरी घटना आसपास लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हो सकती है।
दोनों वाहनों को थाने ले गई पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने दोनों वाहनों को सदर थाने पहुंचाया। बस चालक की ओर से उसी दिन मामला दर्ज करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन आरोप है कि कोई कार्रवाई नहीं की गई।
20 हजार रुपए मांगने का लगाया आरोप
शंकर लाल ने आरोप लगाया कि बस छोड़ने के लिए अनुरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और 20 हजार रुपए की मांग की गई। हालांकि मामले की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
DGP से की निष्पक्ष जांच की मांग
बस संचालक ने बताया कि बस ही उनकी आय का मुख्य साधन है। लंबे समय से बस थाने में खड़ी होने के कारण परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने पुलिस महानिदेशक से मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और बस को तत्काल मुक्त करवाने की मांग की है।







