Kolayat News: विधायक अंशुमान भाटी ने प्रमुख शासन सचिव से की मुलाकात, किसानों की समस्याओं पर जल्द कार्रवाई का आश्वासन
बीकानेर, 26 अप्रैल: कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी ने किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रमुख शासन सचिव राजस्व एवं उपनिवेशन विभाग टी. रविकान्त से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी राजस्थान के किसानों को आ रही समस्याओं से अवगत कराते हुए उनके समाधान के लिए सुझाव भी दिए।
मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भी लिखा पत्र
विधायक भाटी ने इन मुद्दों को गंभीरता से उठाते हुए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भी पत्र लिखकर किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की है।
इंदिरा गांधी नहर परियोजना से जुड़े मुद्दे उठाए
भाटी ने पश्चिमी राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के द्वितीय चरण में राजकीय भूमि के आवंटन और नामांतरण प्रक्रिया में आ रही जटिलताओं को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने बताया कि GLMAC प्रक्रिया के कारण नामांतरण बेहद जटिल हो गया है, जिससे आम और गरीब किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
GLMAC में शिथिलता की मांग
विधायक ने सुझाव दिया कि GLMAC में शिथिलता प्रदान कर पूर्व की तरह पटवारी और तहसीलदार स्तर पर ही नामांतरण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
48 गांवों के 461 किसान परिवार प्रभावित
भाटी ने बताया कि वर्ष 1970-80 के दौरान आवंटित बारानी भूमि के बावजूद कई किसान आज भी खातेदारी अधिकार से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि कोलायत क्षेत्र के 48 गांवों के लगभग 461 किसान परिवार इस समस्या से प्रभावित हैं। इन किसानों को न तो भूमि का स्वामित्व मिल पा रहा है और न ही वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठा पा रहे हैं।
बढ़ी जमीन कीमतों से किसानों पर बोझ
विधायक ने बताया कि पहले खातेदारी अधिकार बहुत कम दरों पर मिल जाते थे, लेकिन अब जमीन की कीमत लाखों रुपए प्रति बीघा होने से गरीब किसानों के लिए यह प्रक्रिया बेहद कठिन हो गई है।
पुराने मामलों के समाधान की मांग
भाटी ने 20 वर्षों से लंबित मामलों को जल्द सुलझाने के लिए आयुक्त उपनिवेशन, बीकानेर के पत्र के आधार पर शीघ्र दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है।
स्मॉल और मीडियम पैच आवंटन में आई रुकावट
उन्होंने बताया कि 15 मई 2025 के आदेश के बाद स्मॉल और मीडियम पैच भूमि आवंटन प्रक्रिया जटिल हो गई है, जिसके चलते पिछले लगभग 11 महीनों से एक भी आवंटन नहीं हो पाया है।
पहले 30 दिन में हो जाता था आवंटन
पूर्व में यह प्रक्रिया उपखंड अधिकारी और सहायक आयुक्त स्तर पर सरल और पारदर्शी तरीके से संचालित होती थी, जिसमें 25 से 30 दिनों में आवंटन पूरा हो जाता था।
प्रमुख शासन सचिव ने दिया आश्वासन
विधायक भाटी द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त ने शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह खबर 26 अप्रैल 2026 की ताजा Bikaner News है
यह खबर 26 अप्रैल 2026 की ताजा Bikaner News है, जिसमें किसानों से जुड़े अहम मुद्दों और उनके समाधान की दिशा में उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई है।
विधायक अंशुमान भाटी की यह पहल किसानों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है। यदि प्रशासन जल्द निर्णय लेता है, तो हजारों किसानों को सीधा लाभ मिल सकता है।









