Bikaner News: अब खराब सड़कों पर नहीं चलेगा बहाना! हर एजेंसी को देना होगा मेंटेनेंस सर्टिफिकेट
Bikaner News। बीकानेर जिले में सड़क सुरक्षा और रोड क्वालिटी को लेकर एक बड़ा और सख्त निर्णय लिया गया है। अब बीकानेर जिले में कार्यरत सभी रोड एजेंसियों को यह प्रमाणित करना होगा कि उनके अधीन आने वाली सड़कों का मेंटेनेंस एग्रीमेंट के अनुरूप किया जा रहा है।
यह निर्णय जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।
हर महीने देना होगा सर्टिफिकेट
पीडब्ल्यूडी अधिशाषी अभियंता विमल गहलोत ने बताया कि अब सभी रोड ओनिंग एजेंसियों को मासिक बैठक में यह सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
इस सर्टिफिकेट में यह स्पष्ट करना होगा कि उनके अधीन आने वाली सभी टोल सड़कों का रखरखाव तय एग्रीमेंट के अनुसार किया जा रहा है।
किन एजेंसियों पर लागू होगा नियम?
यह नियम जिले में कार्यरत सभी प्रमुख रोड एजेंसियों पर लागू होगा, जिनमें शामिल हैं:
- पीडब्ल्यूडी (PWD)
- पीडब्ल्यूडी एनएच (PWD NH)
- एनएचएआई (NHAI)
- रिडकोर (RIDCOR)
- आरएसएचए (RSHA)
- आरएसआरडीसी (RSRDC)
इन सभी एजेंसियों को अपनी-अपनी सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव की जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ समय से सड़कों की खराब स्थिति और बढ़ती दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन गंभीर है। कई स्थानों पर खराब सड़कें हादसों का कारण बन रही हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके और रोड मेंटेनेंस में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
जवाबदेही तय करने की तैयारी
इस नए नियम के तहत यदि किसी सड़क पर खराब मेंटेनेंस पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सर्टिफिकेट के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी एजेंसियां अपने कार्य को गंभीरता से लें और नियमित रूप से सड़कों का निरीक्षण करें।
सड़क सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा देना है।
अधिकारियों का मानना है कि यदि सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी, तो दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था भी सुचारू रहेगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में पीडब्ल्यूडी अधिशाषी अभियंता विमल गहलोत, पीडब्ल्यूडी एनएच के एसई जी.पी.एस. चौहान, सहायक अभियंता अंकित कुमार, ट्रैफिक पुलिस से मानाराम, आरयूआईडीपी से मनीष बिश्नोई और गौरव शर्मा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा सीएमएचओ कार्यालय से डॉ. रविंद्र गोदारा, टोल विभाग से रिटायर्ड कर्नल एम.एस. ढाका, एनएचएआई एनएच-11 से आर.एन. सिंह, एनएचएआई से रोहित कल्ला और विनीत कुमार त्रिपाठी, भारतमाला परियोजना से सुमन पालित भी बैठक में शामिल हुए।
आमजन को मिलेगा सीधा फायदा
इस फैसले का सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा। बेहतर सड़कें न केवल यात्रा को आसान बनाएंगी, बल्कि दुर्घटनाओं के जोखिम को भी कम करेंगी।
इसके साथ ही यह पहल प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत करेगी।
सड़क सुरक्षा ही प्राथमिकता
सड़कें किसी भी शहर की जीवनरेखा होती हैं। यदि इनकी गुणवत्ता अच्छी होगी, तो विकास की गति भी तेज होगी।
इसलिए जरूरी है कि सभी संबंधित एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी समझें और बेहतर कार्य करें।










