Bikaner News: पीबीएम अस्पताल को 4 नेबुलाइजर मशीनें भेंट
Bikaner News, 3 अप्रैल 2026: बीकानेर शहर के पीबीएम अस्पताल में शुक्रवार को एक सराहनीय सामाजिक पहल देखने को मिली। स्वर्गीय देवाराम जयपाल की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर उनके परिजनों ने श्वसन रोग विभाग में मरीजों की सुविधा के लिए 4 नेबुलाइजर मशीनें भेंट कीं।
यह पहल मरीजों के उपचार को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नेबुलाइजर मशीनें विशेष रूप से श्वसन संबंधी रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए उपयोगी होती हैं, जिससे उन्हें तुरंत राहत मिलती है।
मानव सेवा को बताया सच्ची भक्ति
इस अवसर पर स्वर्गीय देवाराम जयपाल की पत्नी राधा देवी जयपाल ने कहा कि मानवता की सेवा ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है। उन्होंने कहा कि उनके पति हमेशा समाज सेवा में विश्वास रखते थे और उनकी स्मृति में यह कार्य उसी भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार आगे भी इस तरह के सामाजिक कार्य करता रहेगा, ताकि जरूरतमंदों की सहायता की जा सके।
‘पे बैक टू सोसाइटी’ का संदेश
परिवार के सदस्य अशोक जयपाल ने इस मौके पर ‘पे बैक टू सोसाइटी’ की भावना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रयास उनके पिता की स्मृति में एक छोटा सा योगदान है, जो समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को भी निभाने लगे, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
अस्पताल स्टाफ ने की सराहना
इस मौके पर पीबीएम अस्पताल के श्वसन रोग विभाग से जुड़े डॉक्टर और स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे। इनमें डॉ. राजेंद्र सौगत, डॉ. हरीश, डॉ. मोहित, डॉ. राजलक्ष्मी, श्रीमती शबन्ना और गजेंद्र सिंह शामिल थे।
सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सहयोग से मरीजों को बेहतर इलाज मिल पाता है और अस्पताल की सुविधाओं में भी सुधार होता है।
नेबुलाइजर मशीनों का महत्व
नेबुलाइजर मशीनें अस्थमा और अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। यह मशीन दवा को भाप के रूप में मरीज के फेफड़ों तक पहुंचाती है, जिससे उन्हें तुरंत राहत मिलती है।
पीबीएम अस्पताल में इन मशीनों के जुड़ने से अब अधिक मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
समाज के लिए प्रेरणा
यह पहल समाज के अन्य लोगों के लिए भी एक प्रेरणा है। ऐसे कार्य यह दर्शाते हैं कि यदि हर व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार समाज के लिए योगदान दे, तो कई जरूरतमंद लोगों की मदद की जा सकती है।
स्व. देवाराम जयपाल की स्मृति में किया गया यह कार्य न केवल एक श्रद्धांजलि है, बल्कि समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है।










