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Khajuwala News: 65 हजार बीघा जमीन गायब! 1100+ किसानों को मिला डबल प्लॉट, वन भूमि घोटाले का बड़ा खुलासा

On: April 12, 2026 6:05 AM
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Khajuwala News: 65 हजार बीघा जमीन रिकॉर्ड से गायब, 21 हजार बीघा वन भूमि पर कब्जा!

बीकानेर/खाजूवाला: जिले में वन भूमि के दुरुपयोग को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। जांच में पता चला है कि हजारों बीघा जमीन या तो रिकॉर्ड से गायब है या उस पर अवैध कब्जा किया गया है, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

मुख्य खुलासे:
✔ 65,400 बीघा जमीन ऑनलाइन जमाबंदी से गायब
✔ 21,486 बीघा वन भूमि पर 1119 किसानों का कब्जा
✔ कई क्षेत्रों में दोहरा आवंटन उजागर

ऑनलाइन रिकॉर्ड से गायब जमीन

छत्तरगढ़, पूगल और खाजूवाला तहसीलों में करीब 65,400 बीघा वन भूमि राजस्व रिकॉर्ड में तो दर्ज है, लेकिन ऑनलाइन जमाबंदी में यह जमीन ‘अराजीराज’ के रूप में दिखाई दे रही है। यह स्थिति बड़े स्तर पर रिकॉर्ड में गड़बड़ी की ओर इशारा करती है।

1100 से अधिक किसानों को दोहरा आवंटन

जांच में सामने आया है कि 21,486 बीघा वन भूमि का दोहरा आवंटन कर दिया गया है, जिसमें 1119 किसानों के नाम सामने आए हैं। बीकानेर जिले के छत्तरगढ़, पूगल, खाजूवाला और कोलायत क्षेत्र के 981 किसानों को ही 18,782 बीघा भूमि आवंटित की गई।

जोड़बीड़ कॉलोनी भी जांच के घेरे में

बीकानेर वन मंडल में करीब 2000 बीघा वन भूमि को अराजीराज घोषित किया गया है। इसमें बीडीए की जोड़बीड़ आवासीय कॉलोनी की करीब 500 बीघा जमीन भी शामिल है, जो फिलहाल न्यायालय में लंबित है।

महत्वपूर्ण: वन कानून के अनुसार गिद्ध संरक्षण क्षेत्र से सटी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जा सकता।

सोलर प्रोजेक्ट के नाम पर बड़ा घोटाला

पूगल और छत्तरगढ़ में करीब 9000 बीघा जमीन को सोलर कंपनियों को बेचने के लिए कथित घोटाला किया गया। इसमें माफिया और कुछ राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है।

SIT जांच में तेजी

राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) इस पूरे मामले की जांच कर रहा है। यह जांच सुप्रीम कोर्ट के टी.एन. गोदावर्मन केस के निर्देशों के बाद शुरू की गई।

SIT के प्रमुख निर्देश

  • हर जिले में SIT का गठन
  • आरक्षित वन भूमि के गलत आवंटन की जांच
  • निजी लोगों से जमीन वापस लेने के आदेश
  • भूमि वापस न होने पर लागत वसूली
  • 6 माह में जांच पूरी करने का लक्ष्य
  • हर महीने समीक्षा बैठक अनिवार्य

अधिकारियों के बयान

डीएफओ जी. वेंकटेश ने बताया कि बीकानेर वन मंडल की 2000 बीघा भूमि का मामला SIT के पास है और रिकॉर्ड की जांच जारी है।

जिला कलेक्टर निशांत जैन ने कहा कि SIT के आदेशों के अनुसार राजस्व और वन विभाग के साथ बैठक कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

बीकानेर में वन भूमि से जुड़ा यह मामला राज्य के सबसे बड़े जमीन घोटालों में से एक माना जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद कई बड़े नाम सामने आने की संभावना है, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर हलचल तेज हो सकती है।

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