Bikaner News: यूरिया पर सख्ती! कृषि विभाग एक्शन मोड में, जमाखोरी और अवैध उपयोग पर होगी कार्रवाई
Bikaner News, 12 अप्रैल 2026: जिले में उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर कृषि विभाग पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। यूरिया के दुरुपयोग, जमाखोरी तथा गैर-कृषि कार्यों में उपयोग को रोकने के लिए विभाग ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
✔ यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष अभियान
✔ उर्वरक दुकानों पर लगातार निरीक्षण
✔ दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द और FIR तक कार्रवाई
निरीक्षण अभियान तेज, स्टॉक की हो रही जांच
उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा के दौरान अतिरिक्त निदेशक (कृषि विस्तार) त्रिलोक कुमार जोशी ने बताया कि जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन यूरिया की बढ़ती बिक्री को देखते हुए विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है।
कृषि आदान निरीक्षक उर्वरक विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण कर रहे हैं। पीओएस मशीन के जरिए स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके।
जमाखोरी और डायवर्जन पर सख्त कार्रवाई
विभाग द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी विक्रेता द्वारा यूरिया का डायवर्जन, जमाखोरी या अवैध परिवहन पाया जाता है, तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसमें कारण बताओ नोटिस, लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण और आवश्यक होने पर एफआईआर दर्ज करने जैसे कदम शामिल हैं।
जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि अप्रैल माह में ‘धरती माता बचाओ’ अभियान के तहत किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
‘आपणो खेत-आपणी खाद’ अभियान के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य सुधार पर जोर दिया जा रहा है और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के लिए जागरूक किया जा रहा है।
डेटा के आधार पर होगी जांच
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आईएफएमएस पोर्टल से विक्रेतावार बिक्री का डेटा निकालकर अधिक बिक्री वाले मामलों की जांच की जाए। संबंधित किसानों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
किसानों के लिए राहत की खबर
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। खरीफ सीजन से पहले सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
बीकानेर में कृषि विभाग का यह सख्त रुख किसानों के हित में है। जहां एक ओर पर्याप्त उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, वहीं दूसरी ओर जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।








