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Kolayat News: रात में कुत्तों का खौफनाक हमला! 25 बकरियों को नोच डाला, गांव में दहशत

On: April 9, 2026 4:51 AM
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कोलायत में आवारा कुत्तों का आतंक: 25 बकरियों की मौत, कई घायल, पशुपालक को लाखों का नुकसान

कोलायत (बीकानेर): जिले के गजनेर थाना क्षेत्र के सूरजड़ा रोही गांव में बुधवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां आवारा कुत्तों के झुंड ने एक पशु बाड़े में घुसकर 20 से 25 बकरियों को मौत के घाट उतार दिया।

रात में हुआ खौफनाक हमला

जानकारी के अनुसार, सूरजड़ा रोही निवासी लिखमाराम मेघवाल के पशु बाड़े में देर रात अचानक आवारा कुत्तों का झुंड घुस आया। कुत्तों ने बकरियों पर बेरहमी से हमला कर दिया।

इस हमले में मौके पर ही 20 से 25 बकरियों की मौत हो गई, जबकि 6 से 7 बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गईं।

सुबह का मंजर देख उड़े होश

सुबह जब पशुपालक अपने बाड़े में पहुंचे तो मरी हुई बकरियों का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। पूरे बाड़े में खून और मरे हुए पशुओं का मंजर बेहद भयावह था।

प्रशासन और डॉक्टर मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही गजनेर थाना पुलिस और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची। घायल बकरियों का इलाज शुरू किया गया, वहीं पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।

लाखों का नुकसान

प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस हमले में पशुपालक को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।

लंबे समय से बना हुआ है खतरा

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। ये कुत्ते अब केवल पशुओं ही नहीं बल्कि इंसानों के लिए भी खतरा बन चुके हैं।

  • कई बार बच्चों पर हमले
  • राहगीरों को काटने की घटनाएं
  • रात में गांव में घूमते झुंड

लेकिन इसके बावजूद अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

ग्रामीणों में आक्रोश

इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से आवारा कुत्तों को पकड़ने और स्थायी समाधान करने की मांग की है।

मुआवजे की मांग

पीड़ित पशुपालक लिखमाराम मेघवाल ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है, ताकि हुए नुकसान की भरपाई हो सके।

चेतावनी: और बड़ी घटना हो सकती है

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं हो सकती हैं।

यह घटना न केवल पशुपालकों के लिए आर्थिक झटका है, बल्कि ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। प्रशासन को जल्द ही प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

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