नापासर में 93 लाख का घोटाला: पूर्व सरपंच 5 साल के लिए अयोग्य घोषित
बीकानेर: जिले के नापासर क्षेत्र से एक बड़ा प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है, जहां पूर्व सरपंच चंपालाल ओझा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद प्रशासन ने 93.36 लाख रुपए की रिकवरी के आदेश दिए हैं और उन्हें 5 वर्षों के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है।
जांच में सामने आई गड़बड़ियां
जानकारी के अनुसार, यह मामला वॉटर कूलर खरीद और विभिन्न निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है।
जांच टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में कई स्तरों पर गड़बड़ियां पाई गईं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
93 लाख से अधिक की रिकवरी
प्रशासन ने पूर्व सरपंच से कुल 93.36 लाख रुपए की वसूली के आदेश दिए हैं। यह राशि सरकारी कार्यों में हुए कथित गबन से संबंधित बताई जा रही है।
5 साल के लिए अयोग्य घोषित
गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए चंपालाल ओझा को आगामी 5 वर्षों के लिए किसी भी पंचायत चुनाव में भाग लेने से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
प्रशासन का सख्त संदेश
इस कार्रवाई को प्रशासन की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विकास कार्यों में हुई अनियमितता
रिपोर्ट के अनुसार, वॉटर कूलर खरीद और निर्माण कार्यों में नियमों की अनदेखी की गई और वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया।
ग्रामीणों में चर्चा
इस मामले के सामने आने के बाद नापासर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। लोग इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के रूप में देख रहे हैं।
यह मामला दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही कितनी जरूरी है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।







