Bikaner News: ये 5 खतरनाक सड़कें बन गईं मौत का जाल! 3 साल में 60+ लोगों की गई जान
Bikaner News| बीकानेर जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक खुलासा सामने आया है। जिले के पांच बड़े ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं, जहां लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं लोगों की जान ले रही हैं।
हाल ही में आयोजित एक समीक्षा बैठक में आईरैड डीआरएम महेश कुमार शर्मा ने इन ब्लैक स्पॉट्स की जानकारी देते हुए बताया कि ये क्षेत्र अब भी गंभीर खतरा बने हुए हैं और यहां दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है।
ये हैं बीकानेर के 5 सबसे खतरनाक ब्लैक स्पॉट
- रायसर से बीकानेर रोड का 5 किलोमीटर लंबा हिस्सा
- गंगाशहर में नोखा रोड (अणुव्रत मार्ग से घड़सीसर चौराहा से इनफील्ड शो रूम तक – 1.6 किमी)
- उदयरामसर फांटा से केएमआर रेस्टोरेंट चौराहा (600 मीटर)
- जयपुर-जोधपुर बायपास पर नापासर चौराहा (540 मीटर)
- नोखा रोड पर हियांदेसर फांटा
इन सभी स्थानों को दुर्घटना संभावित क्षेत्र घोषित किया गया है, जहां आए दिन हादसे हो रहे हैं।
रायसर रोड बना सबसे बड़ा मौत का कारण
रिपोर्ट के अनुसार रायसर से बीकानेर रोड का 5 किलोमीटर का सीधा हिस्सा सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हुआ है।
पिछले तीन वर्षों में यहां 22 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 24 लोगों की मौत हो चुकी है और 15 लोग घायल हुए हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि सड़क सीधी होने के बावजूद यहां दुर्घटनाओं का आंकड़ा सबसे ज्यादा है।
अन्य ब्लैक स्पॉट का हाल भी गंभीर
गंगाशहर के नोखा रोड पर अणुव्रत मार्ग से घड़सीसर चौराहा होते हुए इनफील्ड शो रूम तक 1.6 किलोमीटर के क्षेत्र में पिछले तीन वर्षों में 19 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 12 लोगों की मौत और 17 घायल हुए।
उदयरामसर फांटा से केएमआर रेस्टोरेंट चौराहे तक 600 मीटर के क्षेत्र में 12 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 7 लोगों की मौत और 12 घायल हुए।
इसी तरह नोखा रोड पर हियांदेसर फांटे पर 11 दुर्घटनाएं में 14 मौतें और 9 घायल हुए।
जयपुर-जोधपुर बायपास पर नापासर चौराहे पर 10 दुर्घटनाएं में 10 लोगों की जान चली गई और 15 लोग घायल हुए।
इंटरसैप्टर तैनाती से आई थोड़ी राहत
आईरैड डीआरएम महेश कुमार शर्मा ने बताया कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में इंटरसैप्टर वाहन तैनात करने से कुछ हद तक राहत मिली है।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जनवरी और फरवरी में दुर्घटनाओं की संख्या क्रमशः 47 और 61 थी, जो इस वर्ष घटकर 43 और 51 रह गई है।
हालांकि, यह कमी अभी पर्याप्त नहीं मानी जा रही है और और अधिक प्रयासों की जरूरत है।
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
बैठक में एडीएम सिटी ने संबंधित विभागों को इन ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में दुर्घटनाएं रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएं, साइन बोर्ड लगाए जाएं और ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करवाया जाए।
क्यों बढ़ रहे हैं हादसे?
विशेषज्ञों के अनुसार इन दुर्घटनाओं के पीछे कई कारण हैं जैसे तेज रफ्तार, लापरवाही, गलत ओवरटेकिंग और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी।
इसके अलावा कुछ स्थानों पर उचित संकेतक (साइन बोर्ड) और सुरक्षा व्यवस्था की कमी भी दुर्घटनाओं का कारण बन रही है।
आमजन से सावधानी बरतने की अपील
प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे इन ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
यदि चालक सतर्क रहेंगे, तो दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
सड़क सुरक्षा ही समाधान
सड़क दुर्घटनाएं केवल आंकड़े नहीं होतीं, बल्कि इनके पीछे कई परिवारों की खुशियां जुड़ी होती हैं।
इसलिए जरूरी है कि प्रशासन और आमजन दोनों मिलकर सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें और इन खतरनाक ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षित बनाने की दिशा में काम करें।










